Earthquake in Bihar: Patna में भूकंप के झटके | बिहार की राजधानी | Breaking News - Global News Network

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Tuesday, January 7, 2025

Earthquake in Bihar: Patna में भूकंप के झटके | बिहार की राजधानी | Breaking News


 

Bihar में भूकंप: कई जिलों में महसूस हुए झटके

मंगलवार सुबह बिहार के कई जिलों, खासकर राजधानी पटना में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। सुबह 6:38 बजे हुए इन झटकों से लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। पटना के अलावा सहरसा, सीतामढ़ी, मधुबनी और आरा जैसे जिलों में भी झटके महसूस किए गए।

नेपाल में 7.1 तीव्रता का भूकंप

भूकंप का केंद्र नेपाल में, नेपाल-तिब्बत सीमा के पास, जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में था। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, यह भूकंप लोबुचे से 93 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में सुबह 6:35 बजे आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.1 मापी गई।

रिक्टर स्केल पर 7 से अधिक तीव्रता वाले भूकंप बड़े पैमाने पर विनाश कर सकते हैं, जैसे इमारतों की नींव में दरारें और उनका गिरना। हालांकि, अभी तक किसी बड़े हादसे या जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन झटकों ने लोगों को डरा दिया है।

बिहार के अलावा अन्य जगहों पर भी महसूस हुए झटके

भूकंप का असर बिहार के बाहर भी महसूस किया गया। सुबह 6:35 बजे के आसपास पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों, खासकर उत्तर बंगाल में हल्के झटके महसूस हुए। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए।






यह भूकंप सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा। इसके झटके भारत, नेपाल, चीन, बांग्लादेश और भूटान सहित पांच देशों में महसूस किए गए।

भूकंप क्यों आते हैं?

पिछले कुछ समय में भारत सहित दुनिया भर में भूकंप की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। भूकंप तब आते हैं जब पृथ्वी की सात टेक्टोनिक प्लेट्स, जो लगातार अपनी जगह पर घूमती रहती हैं, आपस में टकराती हैं या रगड़ खाती हैं। यह घर्षण या टकराव भूकंप का कारण बनता है।

भूकंप की तीव्रता को कैसे समझें?

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता इस प्रकार समझी जा सकती है:

  • 0 से 1.9: केवल सिस्मोग्राफ द्वारा पता लगाया जा सकता है।
  • 2 से 2.9: बहुत हल्के झटके।
  • 3 से 3.9: ऐसा महसूस होगा जैसे कोई भारी वाहन पास से गुजरा हो।
  • 4 से 4.9: घर में रखी चीजें अपनी जगह से गिर सकती हैं।
  • 5 से 5.9: भारी सामान और फर्नीचर हिल सकते हैं।
  • 6 से 6.9: इमारत की नींव में दरारें पड़ सकती हैं।
  • 7 से 7.9: इमारतें गिर सकती हैं।
  • 8 से 8.9: सुनामी और बड़े पैमाने पर विनाश।
  • 9 या उससे ज्यादा: भयानक तबाही, धरती में तेज कंपन।

सतर्कता और तैयारी जरूरी

हालांकि, इस बार किसी नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन ये झटके हमें भूकंप से बचाव की तैयारी का महत्व याद दिलाते हैं। विशेष रूप से उन इलाकों में जहां भूकंप का खतरा अधिक है, सतर्कता और जागरूकता जरूरी है। भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं का प्रभाव कम करने के लिए पहले से तैयार रहना बेहद जरूरी है।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages